Join Contact

सरकार का संसद में बड़ा बयान, इन कर्मचारियों की बढ़ेगी पेंशन, पूरी लिस्ट देखें

ईपीएस पेंशन में बढ़ोतरी की आस टिकी है, लेकिन सरकार ने साफ किया – अभी ₹1000 ही मिनिमम रहेगा। संसदीय कमिटी ने 2025 तक रिव्यू की सिफारिश की, महंगाई के आगे पेंशनर्स बेबस। फंड डेफिसिट बाधा, दबाव बढ़ रहा है।

Published On:
govt planning to increase minimum eps payout from rs 1000 to 7500 rupees what ministry says

प्राइवेट नौकरी करने वाले लाखों लोग रिटायरमेंट के बाद ईपीएस (EPS) स्कीम से न्यूनतम हजार रुपये महीने की पेंशन पर गुजारा करते हैं। महंगाई के इस दौर में ये रकम तो बस नाम की ही रह गई है, इसलिए सबकी नजरें सरकार पर टिकी हैं कि कहीं इसे सात हजार पांच सौ तक तो नहीं बढ़ा दिया जाए। मीडिया में खबरें आईं कि सरकार सोच रही है इस पर, लेकिन लेबर मिनिस्ट्री ने साफ कह दिया – अभी कोई फाइनल डिसीजन नहीं हुआ। फिर भी, पेंशनर्स के दिल में उम्मीद बनी हुई है।

चर्चा क्यों तेज हो रही है पुरानी पेंशन पर?

ईपीएस-95 स्कीम 2014 से यहीं अटकी हुई है – महीने के हजार रुपये। ट्रेड यूनियन और रिटायर्ड लोग चिल्ला-चिल्ला कर कह रहे हैं कि आजकल का खर्चा देखो, ये पैसे से घर कैसे चलेगा? वे मानते हैं कि कम से कम सात हजार पांच सौ तो बनते हैं सम्मानजनिक जीवन के लिए। बढ़ती महंगाई ने सबको परेशान कर दिया है, और यही वजह है कि इस मुद्दे पर बातें तेज हो गईं। पेंशनर्स संगठन सरकार से दबाव बना रहे हैं कि जल्दी कुछ तो करो।

संसदीय समिति ने क्या कहा?

हाल ही में संसद की एक स्टैंडिंग कमिटी ने सरकार को सलाह दी है कि ईपीएस-95 की पूरी रिव्यू करो और पेंशन बढ़ाने पर सीरियसली सोचो। उनका पॉइंट क्लियर है महंगाई को देखते हुए बुजुर्गों को फाइनेंशियल सिक्योरिटी मिलनी चाहिए। उन्होंने सुझाया कि 2025 के अंत तक फंड की फाइनेंशियल हेल्थ चेक करो और सुधार लाओ। ये सिफारिश पेंशनर्स के लिए बूस्टर डोज जैसी है, हालांकि अभी अमल में आने में टाइम लगेगा।

मंत्रालय की तरफ से क्या जवाब आया?

श्रम मिनिस्ट्री ने साफ शब्दों में कहा कि अभी कोई कंक्रीट प्रपोजल टेबल पर नहीं है। वजह? ईपीएफओ का पेंशन फंड एक्ट्यूअरियल डेफिसिट में है, मतलब फाइनेंशियल स्ट्रेस ज्यादा है। अगर पेंशन बढ़ाई गई तो बोझ और चढ़ेगा। पेंशनर्स कहते हैं ये सोशल सिक्योरिटी स्कीम है, फंड की टेंशन बाद में देखो, पहले लोगों की जरूरत पूरी करो। दोनों साइड की बातों से लगता है, डिबेट अभी लंबी चलेगी।

आगे क्या हो सकता है?

मीडिया रिपोर्ट्स कह रही हैं सरकार सात हजार पांच सौ पर विचार कर रही है, लेकिन ऑफिशियल स्टेटमेंट में ये कन्फर्म नहीं। पेंशनर्स इंतजार कर रहे हैं, समिति ने बैकिंग दी है, लेकिन ग्रीन सिग्नल कब मिलेगा कोई नहीं जानता। हो सकता है टाइम लगे, लेकिन प्रेशर बढ़ रहा है। रिटायर्ड लाइफ को सिक्योर बनाने के लिए ये चेंज जरूरी है – बस अब सरकार की बारी है फैसला लेने की।

Author
Divya

Leave a Comment

संबंधित समाचार

🔥Hot विडिओ देखें