
देश की राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई, लखनऊ, देहरादून, जयपुर और पटना जैसे शहरों में हवा अब सांस रोकने पर मजबूर कर रही है। एक ओर लोग धुंध और स्मॉग की मोटी चादर में लिपटे हैं, वहीं दूसरी ओर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) कई जगहों पर 400-500 तक पहुंच चुका है। इसका मतलब साफ है हवा में इतना प्रदूषण है कि यह सीधा सेहत पर असर डाल रहा है।
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बड़े शहरों में खतरनाक स्तर पर प्रदूषण
दिल्ली की बात करें तो यहां कई इलाकों में AQI 500 के पार दर्ज किया गया, जबकि मुंबई, लखनऊ और पटना में यह आंकड़ा 300 से 400 के बीच झूलता रहा। देहरादून और भोपाल की स्थिति भी बेहतर नहीं है। आसमान में फैला धुंआ और धूल का मिश्रण अब स्थायी दृश्य बन चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार इस जहरीले वातावरण के पीछे औद्योगिक धुआं, खुले में कचरा जलाना और सड़कों पर दौड़ते करोड़ों वाहन सबसे बड़ी वजह हैं।
क्यों जरूरी है Pollution Under Control (PUC) सर्टिफिकेट
वाहनों से निकलने वाला धुआं हवा को सबसे ज्यादा प्रदूषित करता है। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने हर पेट्रोल, डीज़ल और CNG वाहन के लिए Pollution Under Control (PUC) Certificate को अनिवार्य कर दिया है। यह सर्टिफिकेट यह बताता है कि आपके वाहन से निकलने वाला उत्सर्जन तय सरकारी मानकों के भीतर है या नहीं।
यदि कोई वाहन चालक बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के वाहन चलाता है, तो यह मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत दंडनीय अपराध है। कई राज्यों में इसके लिए 10,000 रुपये तक जुर्माना और वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
कैसे बनवाएं PUC सर्टिफिकेट?
PUC सर्टिफिकेट बनवाना बेहद आसान प्रक्रिया है। आपको अपने वाहन को नजदीकी प्रमाणित PUC सेंटर या पेट्रोल पंप पर ले जाना होता है। वहां मौजूद ऑपरेटर वाहन की एग्जॉस्ट पाइप में एक टेस्टिंग डिवाइस लगाकर उत्सर्जन की जांच करता है।
अगर आपका वाहन तय मानकों पर खरा उतरता है, तो तुरंत एक डिजिटल PUC सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है। इसके लिए फीस केवल 60 रुपये से 100 रुपये तक होती है। इस सर्टिफिकेट में वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, टेस्ट की तारीख, वैधता अवधि और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और हाइड्रोकार्बन (HC) का स्तर दर्ज होता है।
क्या PUC सर्टिफिकेट ऑनलाइन बन सकता है?
कई लोग यह सवाल पूछते हैं कि क्या PUC सर्टिफिकेट ऑनलाइन बनवाया जा सकता है? इसका जवाब है नहीं। क्योंकि इसके लिए वाहन का फिजिकल Emission Test जरूरी है। हालांकि, टेस्ट पूरा होने के बाद आप अपना सर्टिफिकेट Parivahan या Vahan पोर्टल से ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।
डाउनलोड करने का तरीका:
- parivahan.gov.in या vahan.parivahan.gov.in पर जाएं।
- “Online Services” टैब में “PUC Certificate” पर क्लिक करें।
- वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आखिरी 5 अंक दर्ज करें।
- कैप्चा भरने के बाद “Get Status” पर क्लिक करें।
अब आपका PUC सर्टिफिकेट स्क्रीन पर दिखेगा, जिसे आप डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।
कितने समय तक रहता है वैध?
PUC सर्टिफिकेट की वैधता वाहन की उम्र पर निर्भर करती है।
- नई कार या बाइक के लिए यह एक वर्ष तक वैध रहता है।
- इसके बाद हर 6 महीने में टेस्ट दोबारा करवाकर सर्टिफिकेट रिन्यू कराना जरूरी है।
समय पर PUC रिन्यू न कराने पर वाहन को चालान या जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
प्रदूषित हवा के खतरनाक असर
वाहनों से निकलने वाली जहरीली गैसों कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड हवा में घुलकर गंभीर बीमारियों को जन्म देती हैं। लगातार ऐसी हवा में रहने से अस्थमा, फेफड़ों की बीमारी, हार्ट प्रॉब्लम और यहां तक कि कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। बच्चे और बुजुर्ग इनसे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। प्रदूषण न केवल हवा बल्कि मिट्टी और पानी को भी जहरिला बनाता है। इसका असर फसलों, पेड़ों और मौसम के पैटर्न पर भी पड़ता है।
जिम्मेदारी आपकी और मेरी
प्रदूषण घटाने के लिए केवल सरकार ही नहीं, नागरिकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही है। अपने वाहन की नियमित सर्विसिंग करवाएं, PUC सर्टिफिकेट समय पर रिन्यू कराएं और जितना संभव हो पब्लिक ट्रांसपोर्ट या कारपूलिंग अपनाएं।
याद रखिए साफ हवा किसी एक की जरूरत नहीं, बल्कि पूरे समाज की हकदार है।
















