
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड डिग्री धारक शिक्षकों के लिए ‘ब्रिज कोर्स’ (PDPET) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) द्वारा संचालित किए जा रहे इस 6 महीने के विशेष कोर्स के लिए उत्तर प्रदेश से रिकॉर्ड 32,106 शिक्षकों ने पंजीकरण कराया है।
Table of Contents
यूपी के शिक्षकों में सबसे अधिक उत्साह
लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, देशभर से अब तक कुल 56,072 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें अकेले उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी आधे से भी अधिक है। गौरतलब है कि यूपी की 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती के तहत नियुक्त बीएड योग्यताधारी शिक्षकों के लिए यह कोर्स उनकी सेवा सुरक्षा के लिहाज से अनिवार्य माना जा रहा है।
रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ी
शिक्षकों की भारी संख्या को देखते हुए NIOS ने आवेदन की समय सीमा में विस्तार किया है। पहले पंजीकरण की अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2025 तय की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 19 जनवरी 2026 कर दिया गया है, जिन शिक्षकों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे आधिकारिक वेबसाइट bridge.nios.ac.in पर जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
पास होने के लिए क्या है कटऑफ?
NIOS ने ब्रिज कोर्स के मूल्यांकन के लिए कड़े मानक निर्धारित किए हैं। इस कोर्स को उत्तीर्ण करने के लिए शिक्षकों को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा:
- न्यूनतम उत्तीर्ण अंक: कोर्स में सफल होने के लिए अभ्यर्थियों को कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
- अंकों का विभाजन: मूल्यांकन को दो हिस्सों में बांटा गया है— 30% अंक ट्यूटर मार्क्ड असाइनमेंट (TMA) के लिए और 70% अंक थ्योरी परीक्षा के लिए निर्धारित हैं।
- समय सीमा: शिक्षकों को यह कोर्स शुरू होने के एक वर्ष के भीतर एक ही प्रयास में पूरा करना होगा।
क्यों अनिवार्य है यह कोर्स?
NCTE द्वारा 2 जुलाई 2025 को जारी निर्देशों के बाद, उन सभी बीएड डिग्री धारक शिक्षकों के लिए यह ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य हो गया है जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच हुई थी, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आलोक में अपनी नौकरी सुरक्षित रखने के लिए इस प्रशिक्षण को पूर्ण करना कानूनी आवश्यकता बन गई है।
शिक्षक समुदाय के लिए सलाह है कि वे समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण और असाइनमेंट कार्य पूरा कर लें, ताकि भविष्य में उनकी वरिष्ठता और सेवा निरंतरता पर कोई आंच न आए।
















