
आगरा में ट्रैफिक जाम का दर्द हर रोज झेलने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। लंबे इंतजार के बाद उत्तरी बाइपास आखिरकार चालू हो गया। पहले दिन ही सैकड़ों वाहन इस पर फर्राटा भरते दिखे। 400 करोड़ रुपये खर्च कर बने इस 14 किमी लंबे रास्ते से सिकंदरा चौराहे का बोझ कम हो जाएगा। अब मथुरा या दिल्ली से आने वाले ट्रक और कारें शहर के बीचों-बीच नहीं फंसेंगी।
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बाइपास की लंबी कहानी
ये बाइपास का आइडिया दस साल पहले आया था। पहले प्रस्ताव में इसे आगरा से गुजारने की बात थी, लेकिन बाद में मथुरा रूट चुना गया। 2019 में दूसरा प्लान बना, 2021 में सर्वे हुआ और 2022 से काम शुरू। हाईटेंशन लाइनों की वजह से कई बार डेडलाइन बढ़ी। आखिरकार लाइनों को ऊंचा कर मंगलवार को दोपहर से ट्रैफिक शुरू कर दिया गया। एनएच-19 के रैपुरा जाट को मिडावली हाथरस से जोड़ते हुए ये यमुना एक्सप्रेसवे से भी लिंक हो गया।
समय और पैसे की बड़ी बचत
अब रैपुरा जाट से खंदौली सिर्फ 15 मिनट में, और हाथरस 25 मिनट में पहुंच जाओगे। पहले ये सफर 30-45 मिनट लेता था। जाम कम होने से ईंधन भी बचेगा, और ड्राइवरों का गुस्सा थमेगा। सिकंदरा तिराहे पर ट्रक लाइन लगना बंद हो जाएगा। आसपास के गांवों में भी विकास की नई लहर चलेगी। ये रोड न सिर्फ तेजी लाएगा, बल्कि पर्यटन को भी बूस्ट देगा।
बाइपास की खास सुविधाएं
- चार अंडरपास और यमुना नदी पर मजबूत पुल।
- दोनों तरफ सर्विस रोड, पांच-छह जगहों पर एंट्री-एग्जिट।
- यमुना एक्सप्रेसवे से डायरेक्ट कनेक्शन, चैनल 174 से 141 तक।
- भारी वाहनों के लिए सेफ और चौड़ी सड़क।
सिकंदरा जैसे पॉइंट्स पर अब घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
लोगों की खुशी
आम आदमी अब जश्न मना रहा है। “अब रामबाग चौराहा छोड़कर सीधे हाथरस पहुंचेंगे, समय बचेगा,” कहते हैं लोकल ड्राइवर। एक निवासी बोले, “हाईटेंशन लाइन ने सात महीने लटकाया, लेकिन अब सुकून है।” मंडलायुक्त ने बताया कि इनर रिंग रोड का तीसरा चरण भी जल्द तैयार। सिर्फ पुल बाकी है, तीन-चार महीने में डायमंड सर्किल बन जाएगा।
अगला बड़ा कदम
आठ किमी लंबा तीसरा चरण देवरी रोड से ग्वालियर हाईवे तक 350 करोड़ से बन रहा। रोड तैयार है, पुल पर काम चल रहा। ये पूरा होते ही यमुना, लखनऊ एक्सप्रेसवे से ग्वालियर तक डायरेक्ट रूट खुलेगा। शहर में कम वाहन घुसेंगे, जाम की जड़ें उखड़ेंगी। एनएचएआई तेजी से काम कर रहा, मार्च 2026 तक सब सेट। आगरा का ट्रैफिक सिस्टम अब वर्ल्ड क्लास बनेगा।
















