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Land Record Alert: रजिस्ट्री के बाद भी आप नहीं हैं असली मालिक! जब तक नहीं करेंगे ये 1 जरूरी काम, अधूरी रहेगी आपकी प्रॉपर्टी की ओनरशिप

रजिस्ट्री के बाद भी ओनरशिप अधूरी रह सकती है! अगर आपने ये जरूरी अपडेट नहीं कराया तो कभी भी खतरे में पड़ सकता है आपका प्लॉट या घर।

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प्रॉपर्टी खरीदकर रजिस्ट्री कराने के बाद ज्यादातर लोग राहत की सांस लेते हैं, लेकिन असली मालिक बनने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बाकी रह जाता है। सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में नाम ट्रांसफर न होने तक आपकी ओनरशिप अधूरी मानी जाती है। ये काम म्यूटेशन या दाखिल-खारिज के नाम से जाना जाता है, जो जमीन के आधिकारिक रिकॉर्ड को अपडेट करता है। बिना इसके टैक्स बिल पुराने मालिक के नाम पर आते रहते हैं और भविष्य में विवाद हो सकता है।

Land Record Alert: रजिस्ट्री के बाद भी आप नहीं हैं असली मालिक! जब तक नहीं करेंगे ये 1 जरूरी काम, अधूरी रहेगी आपकी प्रॉपर्टी की ओनरशिप

म्यूटेशन का मतलब समझें

रजिस्ट्री कानूनी दस्तावेज बनाती है, लेकिन म्यूटेशन सरकारी खाता-खतौनी में नया नाम दर्ज कराता है। इससे प्रॉपर्टी का पूरा नियंत्रण मिलता है, चाहे लोन लेना हो या दोबारा बेचना हो। हरियाणा में ये प्रक्रिया जमाबंदी रिकॉर्ड को सही रखती है, जिससे फसल बीमा या सब्सिडी जैसे लाभ आसानी से मिलते हैं। देरी करने पर कानूनी पेचीदगियां बढ़ सकती हैं, क्योंकि रिकॉर्ड पुराने मालिक के नाम पर ही दिखता रहता है।

हरियाणा में आसान तरीका

हरियाणा के jamabandi.nic.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन शुरू करें। रजिस्ट्री की कॉपी अपलोड करें,व्यक्तिगत जानकारी भरें और OTP से वेरिफाई करें। पटवारी जमीन की जांच करेगा, फिर 7-15 दिनों में आपत्ति का समय मिलेगा। कोई शिकायत न आने पर सर्टिफिकेट जारी हो जाता है। अब कई मामलों में रजिस्ट्री के साथ ही ऑटोमैटिक म्यूटेशन हो रहा है, जो पटवारियों के चक्कर बचाता है। तहसील या अटल सेवा केंद्र से प्रिंटआउट ले लें।

यह भी पढ़ें- Online Registry Service: अब रजिस्ट्री के लिए चक्कर नहीं! घर बैठे करें अब रजिस्ट्री

जरूरी कागजात तैयार रखें

प्रक्रिया तेज बनाने के लिए ये दस्तावेज इकट्ठा करें:

  • रजिस्टर्ड सेल डीड या गिफ्ट डीड
  • आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो
  • पुरानी जमाबंदी नकल और टैक्स रसीद
  • एम्पावरमेंट अथॉरिटी का NOC अगर लागू हो

फीस नाममात्र की होती है, जो प्रॉपर्टी साइज पर निर्भर करती है। ऑनलाइन पेमेंट से काम और आसान।

फायदे और सलाह

म्यूटेशन पूरा होने से प्रॉपर्टी लोन स्वीकृति तेज होती है और खरीदार को भरोसा मिलता है। नरनौंद जैसे इलाकों में स्थानीय तहसील से स्टेटस ट्रैक करें। रजिस्ट्री के 10-15 दिनों में ही ये करवा लें, वरना पुराने मालिक के वारिस दावा कर सकते हैं। ये छोटा कदम आपकी संपत्ति को पूरी तरह सुरक्षित बनाता है। समय पर कार्रवाई करें, भविष्य के झगड़ों से बचें। 

Land Record Alert
Author
Divya

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