
आयकर विभाग (Income Tax Department) ने पैन और आधार कार्ड को लिंक करने के नियमों को लेकर बड़ी स्पष्टता जारी की है, जहाँ एक तरफ सरकार वित्तीय पारदर्शिता के लिए पैन-आधार लिंकिंग पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर एक विशेष वर्ग और कुछ चुनिंदा राज्यों के निवासियों को इस प्रक्रिया से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।
Table of Contents
इन राज्यों के लिए नहीं है कोई अनिवार्यता
सरकार ने भौगोलिक और प्रशासनिक कारणों को ध्यान में रखते हुए देश के तीन हिस्सों को इस अनिवार्यता से छूट दी है:
- असम (Assam)
- मेघालय (Meghalaya)
- जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir)
इन राज्यों के मूल निवासियों को अपना पैन कार्ड आधार से जोड़ने की कानूनी बाध्यता नहीं है।
किन व्यक्तियों को मिली है विशेष छूट?
राज्यों के अलावा, आयकर अधिनियम के तहत कुछ विशिष्ट श्रेणियों को भी इस दायरे से बाहर रखा गया है:
- 80 वर्ष से अधिक आयु के लोग: अति वरिष्ठ नागरिकों (Super Senior Citizens) को बढ़ती उम्र और तकनीकी चुनौतियों के चलते यह राहत दी गई है।
- अनिवासी भारतीय (NRIs): वे भारतीय जो विदेशों में रहते हैं और आयकर अधिनियम के अनुसार ‘रेसिडेंट’ की श्रेणी में नहीं आते।
- विदेशी नागरिक: भारत में रहने वाले ऐसे लोग जो यहाँ के नागरिक नहीं हैं, उन्हें भी लिंकिंग से छूट प्राप्त है।
सामान्य नागरिकों के लिए 31 दिसंबर 2025 है आखिरी मौका
जो लोग उपरोक्त छूट वाली श्रेणी में नहीं आते हैं, उनके लिए समय सीमा बेहद करीब है, 2025 के नियमों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक पैन-आधार लिंक न करने पर पैन कार्ड निष्क्रिय (Inoperative) हो जाएगा, इसके बाद 1 जनवरी 2026 से बैंकिंग ट्रांजेक्शन और इनकम टैक्स रिफंड जैसे कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
यह भी देखें: सिर्फ ₹47 बचत करें रोज, रिटायरमेंट पर LIC देगी पूरे ₹25 लाख! साथ में जिंदगी भर का रिस्क कवर बिल्कुल फ्री
कैसे चेक करें अपना स्टेटस?
अगर आप उलझन में हैं कि आपका पैन लिंक है या नहीं, तो आप आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर ‘Link Aadhaar Status’ पर अपना विवरण देख सकते हैं, विभाग ने स्पष्ट किया है कि छूट वाली श्रेणी के लोग भी यदि चाहें तो स्वैच्छिक रूप से इसे लिंक कर सकते हैं।
















