
मध्य प्रदेश में पंचायत सचिव की भर्ती अब से कर्मचारी चयन मंडल द्वारा किया जाएगा। इस भर्ती में शासन द्वारा निर्धारित आरक्षण नियमों का पालन होगा और यह जिला संवर्ग रहेगा। इसमें तीन स्तरीय वेतनमान मिलेगा, जबकि दूसरे और तीसरे स्तर के वेतनमान की अनुशंसा के लिए समिति गठित की जाएगी। Panchayat Sachiv Bharti के लिए हर साल 15 जनवरी तक रिक्त पदों की जानकारी ESB को भेजी जाएगी। ESB पात्रता परीक्षा आयोजित करेगा और उसी आधार पर चयन होगा।
सामान अंक होने पर प्राथमिकता उस अभ्यार्थी को मिलेगी जिसकी आयु अधिक हो और CPCT से अधिक स्कोर हो। सबसे महत्त्वपूर्ण बात है की कोई भी सचिव अपनी गृह पंचायत में नियुक्त नहीं होगी, जिससे पारदर्षीा बनी रहेगी।
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ग्राम रोजगार सहायकों को 50% कोटा
नए नियमों में सरकार ने साफ कहा है की सभी आरक्षण नियमों का पालन होगा, हर आरक्षित श्रेणी में ग्राम रोजगार सहायकों के लिए 50% कोटा रहेगा। लेकिन ध्यान रहे की उन्हें भी बाकी उम्मीदवारों की तरह पूरी भर्ती प्रक्रिया से गुजरना होगा।
तीन स्तरीय वेतन का प्रावधान
नए नियमों में पंचायत सचिव के लिए तीन स्तरीय वेतनमान का प्रावधान है। कार्यभार ग्रहण से दो वर्ष की सेवा पूरी होने एक 10,000 रूपये निश्चित वेतन मिलेगा। दो वर्ष बाद सातवें वेतनमान के अनुसार 19,500 से 62,200 और दस वर्ष की सेवा के बाद 23,500-80,500 वेतनमान की पात्रता होगी। दूसरा और तीसरा वेतमान समिति की अनुशंसा के बाद ही मिलेगा।
भर्ती की योग्यता
इस भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्या स्नातक, कंप्यूटर दक्षता और हायर सेकेंडरी निर्धारित की गई है। जबकि आयु सीमा अधिकतम 35 वर्ष के मामले में भर्ती वर्ष की एक जनवरी को 21 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। SC, ST, OBC, महिला और दिव्यांग उम्मीदवारों को शासन के प्राविधान अनुसार छूट मिलेगी।
ग्राम सहायक कोटे से अभियार्थी के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष रहेगी। जबकि आयुसचिव की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष निर्धारित की गई है। अगर कोई सचिव त्यागपत्र देना चाहता है तो उसे एक महीने पहले जिला पंचायत सीईओ सुचना देनी होगी या फिर एक महीने का वेतन जमा करना होगा। प्रदेश में पंचायत सचिव की संख्या ग्राम पंचायत के बराबर होगी, वर्तमान में इनकी संख्या 23011 है।
















