
रेलवे ने यात्रियों की पहचान और सुरक्षा मजबूत करने के लिए तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बड़ा अपडेट किया है। पश्चिम रेलवे ने रेलवे बोर्ड के नए निर्देशों के तहत यह परिवर्तन लागू किया है। अब तत्काल टिकट तभी जारी होगा, जब यात्री के मोबाइल नंबर पर भेजे गए वन टाइम पासवर्ड (OTP) का सफल सत्यापन किया जाएगा।
Table of Contents
OTP वेरिफिकेशन से बढ़ेगी बुकिंग की पारदर्शिता
अब यात्रियों को टिकट बुक करते समय दिए गए मोबाइल नंबर पर एक यूनिक OTP मिलेगा। यह पासवर्ड सिस्टम द्वारा स्वत: भेजा जाएगा। जब तक यात्री इस OTP को एंटर कर वेरिफाई नहीं करता, तब तक टिकट जारी नहीं किया जाएगा। इस तकनीकी बदलाव का मकसद फर्जी बुकिंग और गलत जानकारी देने के मामलों पर रोक लगाना है।
फर्जीवाड़ा और बिचौलियों पर लगेगी रोक
रेलवे की यह नई पहल एजेंटों और बिचौलियों की धांधली रोकने में मदद करेगी। पहले कई मामलों में गलत मोबाइल नंबर या फर्जी आईडी से तत्काल टिकट बुक कर लिए जाते थे, जिससे असली यात्रियों को परेशानी होती थी। अब OTP वेरिफिकेशन के बाद केवल वास्तविक मोबाइल नंबर और पहचाने गए यूजर्स के नाम पर ही टिकट जारी होगा।
यात्रियों को ध्यान में रखने होंगे ये जरूरी नियम
- बुकिंग के समय वैध और एक्टिव मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा।
- गलत मोबाइल नंबर देने पर OTP नहीं मिलेगा और टिकट जारी नहीं होगा।
- एक बार वेरिफिकेशन होने पर टिकट की कॉपी उसी मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी।
- इस प्रक्रिया से यात्रियों को अपने टिकट की जानकारी ट्रैक करना भी आसान होगा।
रेलवे की अपील: सही जानकारी दें, बुकिंग में न हो देरी
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे टिकट बुक करते वक्त अपने मोबाइल नंबर की जांच अवश्य कर लें। सही नंबर देने से OTP प्रोसेस तेजी से पूरी होगी और टिकट कन्फर्मेशन में कोई देरी नहीं होगी। यह सिस्टम न केवल सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि रेलवे की बुकिंग प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाएगा।
















