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1 जनवरी से राशन की दुकान पर मिलेगा प्रति यूनिट 2 KG गेहूं और 3 KG चावल, देखें अपना नया कोटा

नववर्ष के साथ लागू हुआ नया राशन कोटा, लाखों कार्डधारियों को सीधा फायदा। जानिए आपके हिस्से में कितना अनाज आएगा और कब से मिलेगा पूरा लाभ।

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1 जनवरी से राशन की दुकान पर मिलेगा प्रति यूनिट 2 KG गेहूं और 3 KG चावल, देखें अपना नया कोटा
1 जनवरी से राशन की दुकान पर मिलेगा प्रति यूनिट 2 KG गेहूं और 3 KG चावल, देखें अपना नया कोटा

नववर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही दारौंदा प्रखंड में राशन वितरण प्रणाली–Public Distribution System (PDS) में बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत जनवरी माह से प्रत्येक यूनिट पर राशन की संशोधित मात्रा तय कर दी गई है। अब लाभुकों को प्रति यूनिट 2 किलो गेहूं और 3 किलो चावल उपलब्ध कराया जाएगा। इस बदलाव से प्रखंड के लाखों राशन उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

जनवरी से लागू होगी नई राशन व्यवस्था

प्रखंड आपूर्ति विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जनवरी 2026 से राशन वितरण की नई प्रणाली को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य राशन वितरण को अधिक पारदर्शी–Transparency और लाभुक-केंद्रित बनाना है। विभाग का मानना है कि तय मात्रा में अनाज मिलने से वितरण में होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं को उनका हक समय पर मिल सकेगा।

प्रति यूनिट मिलेगा तय अनाज

नई व्यवस्था के अनुसार अब प्रत्येक यूनिट के लिए राशन की मात्रा स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दी गई है।

  • गेहूं (Wheat): 2 किलो प्रति यूनिट
  • चावल (Rice): 3 किलो प्रति यूनिट

पहले की तुलना में इस संशोधन से राशन वितरण की प्रक्रिया अधिक सरल और स्पष्ट हो जाएगी। इससे लाभुकों को यह पता रहेगा कि उन्हें कितनी मात्रा में अनाज मिलना है।

17 पंचायतों में फैले हैं हजारों लाभुक

दारौंदा प्रखंड के अंतर्गत कुल 17 पंचायतें आती हैं। इन पंचायतों में राशन कार्डधारियों की संख्या काफी अधिक है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक—

  • अंत्योदय अन्न योजना (Antyodaya Anna Yojana – AAY) के अंतर्गत: 2953 कार्डधारी
  • प्राथमिकता गृहस्थी (Priority Household – PHH) के अंतर्गत: 2915 कार्डधारी

इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर प्रखंड में कुल 32,008 राशन कार्डधारी पंजीकृत हैं, जो सरकार की इस योजना का लाभ ले रहे हैं।

यूनिट की संख्या ने बढ़ाई व्यवस्था की जिम्मेदारी

प्रखंड में राशन वितरण की योजना यूनिट के आधार पर की जाती है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार—

  • कुल यूनिट की संख्या: 1,53,051

इतनी बड़ी संख्या में यूनिट होने के कारण राशन वितरण की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। ऐसे में नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती के साथ-साथ अवसर भी है।

81 राशन दुकानों से हो रहा वितरण

वर्तमान समय में दारौंदा प्रखंड में कुल 81 राशन दुकानें (Fair Price Shops) संचालित हो रही हैं। ये दुकानें नियमित रूप से लाभुकों को अनाज उपलब्ध कराती हैं। हालांकि, कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से—

  • 12 राशन दुकानें फिलहाल बंद पड़ी हुई हैं

इन बंद दुकानों के कारण कई इलाकों में लाभुकों को राशन प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बंद दुकानों को लेकर विभाग सख्त

प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि बंद पड़ी राशन दुकानों को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। संबंधित दुकानदारों से जवाब-तलब किया गया है और जहां जरूरत होगी, वहां नई व्यवस्था के तहत वैकल्पिक प्रबंध किए जाएंगे। उद्देश्य यही है कि किसी भी लाभुक को राशन से वंचित न रहना पड़े।

पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम

नई राशन वितरण प्रणाली को Good Governance–सुशासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि तय मात्रा के अनुसार अनाज वितरण से न केवल गड़बड़ियों पर रोक लगेगी, बल्कि लाभुकों का भरोसा भी बढ़ेगा। इससे डिजिटल मॉनिटरिंग–Digital Monitoring और रिकॉर्ड प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।

लाभुकों को मिलेगी राहत

नववर्ष से लागू होने वाली इस व्यवस्था से लाभुकों को समय पर और पूरी मात्रा में राशन मिलने की उम्मीद है। खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह व्यवस्था राहत लेकर आएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बंद दुकानों की समस्या का समाधान हो गया, तो नई प्रणाली वास्तव में प्रभावी साबित होगी।

प्रशासन को उम्मीद, जनता को इंतजार

प्रशासनिक स्तर पर यह उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी से शुरू होने वाली यह नई व्यवस्था राशन वितरण प्रणाली में सुधार लाएगी। वहीं, लाभुक भी इस बदलाव को लेकर आशान्वित हैं कि अब उन्हें अनाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उनका हक उन्हें समय पर मिलेगा।

Author
Divya

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