
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की बैंकिंग प्रणाली में अनुशासन सुनिश्चित करने और क्रेडिटर्स द्वारा फंड के दुरुपयोग (डायवर्जन) को रोकने के लिए करंट अकाउंट (चालू खाता) खोलने और उसके संचालन से संबंधित नियमों को कड़ा कर दिया है। ये नए और विस्तृत दिशा-निर्देश 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे, जिसका मुख्य फोकस उच्च-मूल्य के कर्ज वाले ग्राहकों पर है।
Table of Contents
₹10 करोड़ से अधिक कर्ज वालों पर मुख्य सख्ती
ये नए नियम सभी ग्राहकों पर लागू नहीं होंगे। RBI ने स्पष्ट किया है कि जिन ग्राहकों पर बैंकिंग प्रणाली का कुल कर्ज ₹10 लाख से कम है, वे पहले की तरह ही सामान्य रूप से करंट अकाउंट खोल सकते हैं।
हालांकि, ₹10 करोड़ या उससे अधिक का कुल कर्ज लेने वाले ग्राहकों के लिए नियमों को काफी सख्त कर दिया गया है।
मुख्य CC/OD खाता कौन खोल सकता है?
नए नियमों के अनुसार, ₹10 करोड़ से अधिक कर्ज वाले ग्राहक का मुख्य करंट अकाउंट या कैश क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट (CC/OD) अकाउंट खोलने का अधिकार केवल उस बैंक को होगा, जिसकी उस ग्राहक के कुल कर्ज (लोन) में कम से कम 10% हिस्सेदारी है।
कम हिस्सेदारी वाले बैंकों के लिए ‘कलेक्शन अकाउंट’
जिस बैंक की कुल कर्ज में हिस्सेदारी 10% से कम है, वह ग्राहक के लिए केवल एक विशेष प्रकार का खाता ही खोल सकता है, जिसे ‘कलेक्शन अकाउंट’ कहा जाता है।
‘कलेक्शन अकाउंट’ के नियम और प्रतिबंध:
- सिर्फ क्रेडिट: इस खाते में ग्राहक केवल पैसा जमा (क्रेडिट) कर सकता है।
- भुगतान पर रोक: इस खाते से किसी भी प्रकार का भुगतान (डेबिट) करने की अनुमति नहीं होगी।
- अनिवार्य ट्रांसफर: कलेक्शन अकाउंट में जमा की गई राशि को अधिकतम दो कार्य दिवसों के भीतर उस मुख्य एस्क्रो या करंट अकाउंट में ट्रांसफर करना होगा, जो 10% हिस्सेदारी वाले बैंक में है।
- सुविधाओं पर प्रतिबंध: ऐसे कलेक्शन अकाउंट्स में ग्राहकों को नकद जमा/निकासी, चेक बुक या डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी।
इसके अलावा, RBI ने ‘थर्ड पार्टी मनी रूटिंग’ पर भी सख्त मनाही लगाई है, ताकि फंड को सीधे लाभार्थी तक भेजने के बजाय किसी बिचौलिए खाते से घुमाकर भेजने पर रोक लग सके।
खातों की छमाही समीक्षा और अनुपालन
RBI ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि वे नए नियमों का पालन करें। इसके लिए:
- छमाही जांच: बैंकों को अब हर छह महीने (छमाही) में ऐसे खातों की समीक्षा और जांच करनी होगी, जो नए नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
- उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई: यदि कोई अकाउंट नियमों के खिलाफ पाया जाता है, तो बैंक को ग्राहक को एक महीने का नोटिस देना होगा।
- खाता बंद या परिवर्तन: नोटिस के बाद, बैंक को अगले तीन महीने के भीतर उस अकाउंट को या तो बंद करना होगा, या उसे केवल कलेक्शन अकाउंट में बदलना होगा।
इन नियमों का उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में बेहतर ऋण अनुशासन लाना और यह सुनिश्चित करना है कि बड़ी लोन राशि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही हो।
















