
सर्दी ने पूरे उत्तर भारत में दस्तक दे दी है। सुबह-सुबह गलन भरी ठंड और जगह-जगह फैला कोहरा अब आम नज़ारा बन गया है। कई इलाकों में अभी भी बारिश का दौर जारी है, जिससे मौसम में और ठंडक घुल गई है। ऐसे हालात में बच्चों के लिए सुबह-सुबह बिस्तर छोड़ना किसी जंग से कम नहीं। यही वजह है कि प्रशासन ने कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया है, जिससे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आ गई है।
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इन राज्यों में छाई छुट्टियों की बहार
उत्तरप्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, बिहार और झारखंड में 27 और 28 नवंबर को ज़्यादातर स्कूल-कॉलेज बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं, दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों—खासकर तमिलनाडु और केरल के कुछ ज़िलों में—लगातार हो रही बारिश के चलते छुट्टियों का ऐलान किया गया है। इससे बच्चों को न केवल मौसम की मार से बचाव मिल रहा है, बल्कि उन्हें परिवार के साथ वक्त बिताने का भी मौका मिल गया है।
बच्चों की छुट्टियों की ख़ुशियां
स्कूल-कॉलेज की छुट्टियां बच्चों के लिए किसी त्यौहार से कम नहीं। अचानक घोषित हुई छुट्टी से बच्चें पूरे जोश में आ जाते हैं। खेल-कूद, मस्ती, देर तक सोना और अपनी पसंदीदा एक्टिविटी करना—इन दिनों बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन जाता है। वहीं, अभिभावक और टीचर्स को भी थोड़ा सुकून मिल जाता है, क्योंकि बच्चों की देखरेख और टिफिन बनाने की भाग-दौड़ से कुछ पल की राहत मिलती है।
ऑफिसों में भी दिखा मौसम का असर
इस बार मौसम का असर केवल स्कूलों और कॉलेजों तक सीमित नहीं रहा। कई राज्यों में सरकारी दफ्तरों में भी 27 और 28 नवंबर को छुट्टी या फिर ‘वर्क फ्रॉम होम’ का विकल्प कर्मचारियों को दिया जा सकता है। कुछ निजी कंपनियों ने भी इसी तर्ज पर अपने स्टाफ को घर से काम करने की छूट दी है। इससे कर्मचारी भी ठंडे मौसम का आनंद घर पर रहकर ले सकते हैं और सफर की परेशानियों से बच सकते हैं।
सबके लिए वरदान बनी छुट्टियां
छुट्टियों का यह दौर बच्चों, अभिभावकों और वर्कर्स—सभी के लिए राहत लेकर आया है। जहां बच्चे आराम से खेल सकते हैं, वहीं बड़े भी घर पर रहकर मौसम की सर्दी और भीगने से खुद को बचा सकते हैं। कुदरत के इस बदले रंग ने सबको थोड़ी राहत और मुस्कान जरूर दी है।
















