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SIR फॉर्म भरने से पहले जान ले ये बात, एक गलती और हो जाएगी 1 साल की जेल

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी शिथिलता न हो। बूथ लेवल एजेंट घर-घर जाकर फॉर्म बांट रहे हैं और सही तरीके से भरने में मदद कर रहे हैं। फॉर्म में दोहराव करने वालों पर एक साल की जेल का प्रावधान है। मतदाता हेल्प डेस्क और कॉल सेंटर शिकायतों के निवारण के लिए सक्रिय हैं। मतदाता ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकते हैं।

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उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने हाल ही में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करके इस प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एसआईआर कार्यों में कोई भी शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजनीतिक दलों द्वारा लगभग 3.99 लाख बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए गए हैं, जो प्रदेश के लगभग 3 लाख बूथों पर घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र (फॉर्म) वितरित कर रहे हैं और उन्हें सही तरीके से फॉर्म भरने की जानकारी दे रहे हैं।

एसआईआर अभियान का महत्व और प्रक्रिया

एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से अपडेट और सही बनाना है, ताकि आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 में हर पात्र वोटर का नाम सूची में शामिल हो। यदि किसी व्यक्ति का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, तो उसे फॉर्म के ऊपरी कॉलम में अपनी फोटो, नाम, माता-पिता का नाम और EPIC नंबर भरना होगा। वहीं, जिनका नाम पुराने सूची में है, वे नीचे के कॉलम में उसी विवरण को भरेंगे। परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी इसी प्रावधान का पालन करना अनिवार्य है।

निष्ठा और जिम्मेदारी का संदेश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि एक वोटर के दो बार फॉर्म भरने वाले व्यक्ति की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एक वर्ष की सजा का प्रावधान है। इस वजह से सभी अधिकारी और कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी निष्ठा और लगन से पूरी करें। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से कर्मियों की सतत निगरानी की जा रही है।

शिकायत निवारण और हेल्प डेस्क

इस प्रक्रिया में किसी भी शिकायत पर सख्ती से कार्रवाई हो रही है। हर जिले में कॉल सेंटर और राज्य स्तरीय केंद्रीय सुविधा केंद्र बनाए गए हैं, जहां मतदाता टोल फ्री नंबर 1950 पर अपने जिले का कोड डालकर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही जिला मुख्यालय, नगर निगम और विकासखंड कार्यालयों में मतदाता हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र मतदाताओं को फॉर्म भरने में सहायता, जानकारी और अन्य समस्याओं का समाधान प्रदान करेंगे।

डिजिटल सहायता और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी बीएलओ को BLO App का एडवांस वर्जन 8.78 डाउनलोड करने और फॉर्म की रियल-टाइम डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मतदाता स्वयं ऑनलाइन https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर भी फॉर्म भर सकते हैं। जिलाधिकारियों को सामाजिक मीडिया पर एसआईआर से जुड़ी भ्रामक या गलत पोस्टों का तुरंत संज्ञान लेते हुए तथ्यात्मक जवाब देना अनिवार्य किया गया है ताकि misinformation फैलने से रोका जा सके।

समयसीमा और अंतिम प्रकाशन

मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को समयबद्ध करने के लिए नए कार्यक्रम के तहत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 फरवरी 2026 को किया जाएगा। 23 दिसंबर को अनंतिम सूची प्रकाशित होगी, और नागरिकों को दावे-आपत्तियां दर्ज करने का मौका 24-30 दिसंबर तक मिलेगा। इसके बाद निस्तारण एवं अंतिम प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। यह विविध कदम उत्तर प्रदेश के चुनावी लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जरूरी हैं, ताकि सभी पात्र मतदाता सही समय पर सूची में शामिल हो सकें और मतदान में हिस्सा ले सकें।

इस अभियान के जरिए उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और नया स्वरूप लेकर आ रही है, जो चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बनाएगी और हर नागरिक के मताधिकार को सुनिश्चित करेगी।

Author
Divya

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