ट्रैफिक साइन सड़क यात्रा के साइलेंट गाइड होते हैं जो दुर्घटनाओं से बचाते हैं और अनावश्यक जुर्माने से दूर रखते हैं। रोजाना लाखों वाहन सड़कों पर दौड़ते हैं, लेकिन इन संकेतों को नजरअंदाज करने से बड़ी मुसीबत हो सकती है। यहां 20 ऐसे जरूरी साइन दिए जा रहे हैं जो हर वाहन चालक की जानकारी में होने चाहिए।

Table of Contents
लाल बॉर्डर वाले अनिवार्य संकेत
ये साइन सख्त नियम बताते हैं, इन्हें तोड़ने पर तुरंत चालान बनता है।
- स्टॉप साइन: पूरी तरह रुकावट का आदेश, आगे ट्रैफिक साफ हो तब ही गाड़ी बढ़ाएं।
- गिव वे: दूसरे वाहनों को रास्ता दें, जल्दबाजी न करें।
- नो एंट्री: इस दिशा में प्रवेश निषेध, उल्टा न मुड़ें।
- नो यू-टर्न: यू-टर्न लेना पूरी तरह बंद।
- स्पीड लिमिट: निर्धारित गति से ऊपर न जाएं।
- नो हॉर्न: शोर मचाना वर्जित, शांति बनाए रखें।
- नो पार्किंग: वाहन खड़ा करना मना।
पीले त्रिकोण वाले सावधानी संकेत
ये खतरे की चेतावनी देते हैं, स्पीड तुरंत घटाएं और सतर्क हो जाएं।
- राउंडअबाउट: चक्कर में दाईं ओर मुड़ें।
- स्कूल जोन: बच्चे आसपास, धीमी गति अपनाएं।
- पैदल क्रॉसिंग: राहगीरों को प्राथमिकता दें।
- साइकिल ट्रैक: साइकिल चालकों का ध्यान रखें।
- स्लिपरी रोड: फिसलन का खतरा, ब्रेक सावधानी से लगाएं।
- अनियमित सतह: गड्ढों से सावधान।
- नैरो ब्रिज: संकरा पुल, आमने-सामने न आएं।
हरे-नीले सूचनात्मक संकेत
ये दिशा-निर्देश या सुविधा बताते हैं, यात्रा को सुगम बनाते हैं।
- नो ओवरटेकिंग: आगे वाली गाड़ी न लांघें।
- पार्किंग जोन: सुरक्षित खड़ी करने की जगह।
- डिप इन रोड: सड़क गहरी धंसी हुई।
- रोड वर्क: निर्माण क्षेत्र, धीरे गुजरें।
- एनिमल क्रॉसिंग: पशु रास्ता काट सकते हैं।
इन संकेतों को अपनाकर न सिर्फ चालान से बचें बल्कि दूसरों की जान भी सुरक्षित रखें। ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट से पहले इन्हें दोहराएं।
















