
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बार फिर सख्त निर्देश जारी किए हैं, नए आदेश के मुताबिक, सभी श्रेणियों के अधिकारियों और कर्मचारियों को 20 जनवरी 2026 तक अपनी चल-अचल संपत्ति का पूरा विवरण मानव संपदा पोर्टल (Manav Sampada Portal) पर अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा, ऐसा न करने पर संबंधित कर्मचारियों की जनवरी माह की सैलरी रोक दी जाएगी।
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डेडलाइन चूके तो नहीं मिलेगा वेतन
शासन द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जो कर्मचारी निर्धारित समय सीमा (20 जनवरी 2026) तक अपनी संपत्ति का ब्योरा पोर्टल पर अपडेट नहीं करेंगे, उन्हें इस महीने का वेतन जारी नहीं किया जाएगा, सरकार का मानना है कि संपत्ति का खुलासा करने में देरी पारदर्शिता के नियमों का उल्लंघन है।
प्रमोशन की राह में भी आएगी बाधा
संपत्ति का ब्योरा केवल सैलरी के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि भविष्य में होने वाले प्रमोशन (पदोन्नति) के लिए भी इसे अनिवार्य शर्त बना दिया गया है, जिन कार्मिकों का विवरण पोर्टल पर दर्ज नहीं होगा, उनके प्रमोशन की फाइलें भी आगे नहीं बढ़ाई जाएंगी।
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पोर्टल पर क्या करना होगा अपडेट?
- अचल संपत्ति: भूमि, मकान, प्लॉट या किसी भी प्रकार की स्थायी संपत्ति का विवरण।
- चल संपत्ति: गहने, बैंक बैलेंस, शेयर और अन्य निवेशों की जानकारी।
- पोर्टल लॉगिन: कर्मचारियों को अपनी आईडी के माध्यम से मानव संपदा पोर्टल (ehrms.upsdc.gov.in) पर लॉगिन करके यह जानकारी ऑनलाइन भरनी होगी।
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की तैयारी
सरकार का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में शुचिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, इससे पहले भी कई बार डेडलाइन बढ़ाई गई थी, लेकिन इस बार शासन सख्त रुख अपनाते हुए वेतन रोकने की तैयारी में है, मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को निर्देश भेज दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से इस नियम का कड़ाई से पालन करवाएं।
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कर्मचारियों के लिए सलाह
अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों और पोर्टल के स्लो होने से बचने के लिए कर्मचारी जल्द से जल्द अपना विवरण अपडेट कर लें ताकि उनकी सैलरी और करियर ग्रोथ पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।
















