
उत्तर प्रदेश में ठंड और कोहरे के कारण स्कूलों में छुट्टियों का दौर शुरू हो गया है। रायबरेली से लेकर वाराणसी तक के जिलों में डीएम ने 8वीं तक के स्कूलों के लिए अवकाश घोषित किया है। इसके पीछे मुख्य वजह लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर है, जिससे छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
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यूपी में स्कूल बंद करने का आदेश क्यों और कितने दिन?
देशभर में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है और कई राज्यों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर गिरा है। यूपी में भी सर्दी और कोहरे ने स्कूल चलाने को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ऐसे में कई जिलों के जिलाधिकारी (DMs) ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी देने का आदेश जारी किया है।
- रायबरेली, महाराजगंज, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ और वाराणसी में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद रहेंगे।
- शाहजहांपुर में प्री-प्राइमरी स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे, जबकि कक्षा 1 से 8 के स्कूल सुबह 10 बजे से खुलेंगे।
- रायबरेली में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को 26 दिसंबर तक अवकाश मिलेगा। 27 दिसंबर को शहीदी दिवस और उसके बाद रविवार होने की वजह से स्कूल सोमवार तक बंद रहेंगे।
छोटे बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। डीएम का कहना है कि सर्दी और शीतलहर बच्चों की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती है, इसलिए समय से पहले छुट्टियों की घोषणा की गई है।
वाराणसी और अन्य जिलों में हालात
वाराणसी, महाराजगंज, लखनऊ और हरदोई जैसे जिलों में भी स्कूल 28 दिसंबर तक बंद रहेंगे। यह आदेश विशेष रूप से कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए लागू है।
- वाराणसी: कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद रहेंगे।
- महाराजगंज और सीतापुर: 28 दिसंबर तक स्कूल बंद।
- लखनऊ: ठंड को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने का निर्णय।
- शाहजहांपुर: प्री-प्राइमरी स्कूल बंद, अन्य कक्षाएं सुबह 10 बजे से।
इस दौरान स्कूलों में केवल आवश्यक स्टाफ मौजूद रहेगा।
विंटर वेकेशन कब शुरू होगा?
यूपी में सर्दियों की छुट्टियों (Winter Vacation) की शुरुआत 31 दिसंबर से होने वाली है। वर्तमान में बच्चों को मिल रही राहत इससे पहले की तैयारी है।
- विंटर वेकेशन 10 दिन का रहेगा।
- अगर सर्दी और शीतलहर का असर अधिक बढ़ा तो छुट्टियों को और बढ़ाने का विकल्प भी रखा गया है।
- इस दौरान स्कूलों में ऑनलाइन या अन्य शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी अभिभावकों को दी जाएगी।
इस फैसले का उद्देश्य बच्चों को शीतलहर और कोहरे से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से बचाना है।
क्या बच्चे और अभिभावक तैयार हैं?
छुट्टियों के ऐलान के साथ ही अभिभावकों और बच्चों में खुशी की लहर है। खासतौर पर छोटे बच्चों के माता-पिता इसे राहत भरा कदम मान रहे हैं।
- अभिभावक कहते हैं कि सर्दियों में सुबह जल्दी स्कूल भेजना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होता।
- बच्चे भी इस दौरान अपनी पढ़ाई और खेल-कूद में आराम से समय बिताने की योजना बना रहे हैं।
प्रशासन का संदेश
यूपी सरकार और जिलाधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस समय बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें।
- सुबह जल्दी निकलने से बचें।
- ठंड से बचाव के लिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं।
- अगर बच्चे बीमार हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इस प्रकार, स्कूलों में छुट्टियां सिर्फ बच्चों को राहत देने के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ली गई हैं।
















