
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने माध्यमिक शिक्षा के स्तर पर बड़े बदलाव करते हुए छात्रों के बौद्धिक विकास के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब प्रदेश के सभी माध्यमिक स्कूलों में छात्रों के लिए रोजाना समाचार पत्र (अखबार) पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है, इस पहल का उद्देश्य छात्रों के सामान्य ज्ञान को मजबूत करना और उनमें समसामयिक विषयों के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
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प्रार्थना सभा में गूंजेंगी देश-दुनिया की खबरें
नए निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा (असेंबली) के दौरान अब छात्र दिन की मुख्य सुर्खियों का वाचन करेंगे। इससे न केवल छात्रों के भाषाई कौशल में सुधार होगा, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों को अपनी लाइब्रेरी या रीडिंग कॉर्नर में प्रमुख समाचार पत्र उपलब्ध कराने होंगे।
हर हफ्ते होगी विशेष चर्चा और क्विज
सिर्फ अखबार पढ़ना ही काफी नहीं होगा, बल्कि स्कूलों को हर हफ्ते पढ़ी गई खबरों के आधार पर सामूहिक चर्चा या क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित करनी होंगी। इससे छात्रों की तार्किक क्षमता और विश्लेषण करने की शक्ति का विकास होगा।
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर जोर
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल युग में छात्र प्रिंट मीडिया से दूर होते जा रहे हैं। अखबार पढ़ने की आदत से उनकी शब्दावली बेहतर होगी और वे भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभी से तैयार हो सकेंगे।
स्कूलों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है, जिसकी निगरानी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) द्वारा की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा से जुड़ी अधिक जानकारी और आधिकारिक आदेशों के लिए आप उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
















