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Land Acquisition Verdict: किसानों की बड़ी जीत! जमीन अधिग्रहण के मुआवजे पर बॉम्बे हाईकोर्ट का सख्त आदेश, अब सरकार को करना होगा यह काम

बॉम्बे हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के लंबित मामलों पर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए किसानों के पक्ष में बड़ी राहत दी है अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों की जमीन लेने के बाद उन्हें मुआवजे के लिए दशकों तक इंतजार कराना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है

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Land Acquisition Verdict: किसानों की बड़ी जीत! जमीन अधिग्रहण के मुआवजे पर बॉम्बे हाईकोर्ट का सख्त आदेश, अब सरकार को करना होगा यह काम
Land Acquisition Verdict: किसानों की बड़ी जीत! जमीन अधिग्रहण के मुआवजे पर बॉम्बे हाईकोर्ट का सख्त आदेश, अब सरकार को करना होगा यह काम

बॉम्बे हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के लंबित मामलों पर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए किसानों के पक्ष में बड़ी राहत दी है अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों की जमीन लेने के बाद उन्हें मुआवजे के लिए दशकों तक इंतजार कराना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।

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अदालत का सख्त रुख: “फंड की कमी का बहाना नहीं चलेगा”

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को कड़ी फटकार लगाई, कोर्ट ने कहा कि सरकार यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती कि उसके पास फंड की कमी है या प्रशासनिक प्रक्रिया में समय लग रहा है, अदालत ने आदेश दिया है कि यदि सरकार ने जमीन पर कब्जा कर लिया है, तो मुआवजे का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर करना होगा।

अदालत के फैसले की मुख्य बातें

  • कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि उन सभी लंबित मामलों का निपटारा जल्द से जल्द किया जाए जहाँ जमीन का अधिग्रहण हो चुका है लेकिन मुआवजा अभी तक नहीं मिला है।
  •  अदालत ने साफ किया है कि मुआवजे में देरी होने की स्थिति में सरकार को किसानों को निर्धारित दर पर ब्याज (Interest) सहित पूरी राशि देनी होगी।
  • कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश के क्रियान्वयन में लापरवाही बरती गई, तो संबंधित विभाग के शीर्ष अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है।
  • फैसले में कहा गया कि जमीन किसानों की आजीविका का एकमात्र साधन होती है, अतः बिना उचित और समयबद्ध मुआवजे के उन्हें उनकी संपत्ति से वंचित करना अवैध है।

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किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?

इस फैसले के बाद अब उन हजारों किसानों के लिए रास्ते खुल गए हैं जिनकी जमीन सड़क, बांध या अन्य सरकारी परियोजनाओं के लिए ली गई थी,अब किसान इस आदेश का आधार बनाकर जिला प्रशासन और भूमि अधिग्रहण पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण से अपने हक के पैसे की मांग तेजी से कर सकते हैं।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि बॉम्बे हाईकोर्ट का यह आदेश भविष्य में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाएगा, अदालती फैसलों की अधिक जानकारी के लिए नागरिक बॉम्बे हाईकोर्ट के आधिकारिक पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।

Land Acquisition Verdict
Author
Divya

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