भारत के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट और सुधारा जाना है। इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को अपने विवरण जांचने, सुधारने और सही जानकारी भरने का मौका मिलता है, जिससे चुनावी प्रक्रिया और भी पारदर्शी और सटीक हो सके।

Table of Contents
बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर वितरण और फॉर्म भरवाना
मतदान आधारित क्षेत्रों के बीएलओ (Booth Level Officers) मतदाताओं के घर जाकर प्री-प्रिंटेड गणना प्रपत्र (Enumeration Form) बांटते हैं। यह फॉर्म ज्यादातर प्री-भरा होता है जिसमें नाम, पता, एपिक नंबर आदि होते हैं। मतदाता को जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, आधार नंबर और अभिभावक के नाम जैसे महत्वपूर्ण विवरण भरने होते हैं। तमाम फॉर्म को भरने के बाद बीएलओ जमा करते हैं और एक पावती मतदाता को देते हैं।
महिलाओं के लिए विशेष निर्देश
SIR के तहत शादीशुदा महिलाओं को अपने पिता का नाम अभिभावक कॉलम में दर्ज करना होता है जबकि पति का नाम एक अलग कॉलम में भरा जाता है। इससे जटिलताओं को दूर किया गया है और मतदाता सूची में सही संबंध दर्ज होता है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की सुविधा
मतदाता चाहे तो फॉर्म ऑनलाइन भरकर भी जमा कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए वेबसाइट और मोबाइल ऐप्स उपलब्ध कराए हैं, जिससे आवेदन की प्रक्रिया और भी तीव्र और सुविधाजनक हो जाती है।
महत्वपूर्ण तिथियां और आगे की प्रक्रिया
SIR के तहत नए मतदाता विवरणों का ड्राफ्ट 9 दिसंबर 2025 को जारी होगा। इसके बाद मतदाता अपनी जानकारी में सुधार के लिए दावा या आपत्ति कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
SIR के माध्यम से चुनाव आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना और चुनावी अधिकारों को सुनिश्चित करना है। यदि आप इस प्रक्रिया में भाग लेना चाहते हैं तो जल्द ही अपने नजदीकी बीएलओ से संपर्क करें या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरें।
इस तरह से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन मतदाता सूची को मजबूत बनाकर देश के लोकतंत्र को और अधिक सशक्त करता है।
















