
देशभर में सर्दी का सितम बढ़ने के साथ ही बच्चों और अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर आ गई है। उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक विभिन्न राज्यों ने शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए स्कूलों में Winter Vacation की घोषणा कर दी है। क्रिसमस से लेकर नए साल तक अधिकांश राज्यों में स्कूल बंद रहेंगे, जिससे छात्रों और शिक्षकों को कड़क ठंड में राहत मिलेगी।
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राज्यवार छुट्टियों का शेड्यूल
विभिन्न राज्य सरकारों और शिक्षा विभागों द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, Winter School Holidays 2025 का कैलेंडर इस प्रकार है:
| राज्य / क्षेत्र | छुट्टियों की अवधि |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 20 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 |
| पंजाब | 22 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 |
| दिल्ली | 23 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 |
| मध्य प्रदेश | 23 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 |
| राजस्थान | 25 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 |
| हिमाचल प्रदेश | 24 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 |
| ओडिशा | 23 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 |
| बिहार व झारखंड | 25 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 |
| दक्षिण भारत (केरल, तमिलनाडु) | 24 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 |
जम्मू-कश्मीर: सबसे लंबी छुट्टियां
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे तापमान को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्कूलों के लिए लंबी छुट्टियों का ऐलान किया है।
- प्री-प्राइमरी स्कूल: 26 नवंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक
- कक्षा 1 से 8: 1 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक
- कक्षा 9 से 12: 11 दिसंबर 2025 से 22 फरवरी 2026 तक
इस निर्णय से न केवल छात्रों को लंबी छुट्टियों का फायदा मिलेगा, बल्कि अभिभावक भी कड़क ठंड में बच्चों को स्कूल भेजने की चिंता से मुक्त होंगे।
बच्चों और अभिभावकों के लिए राहत
लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के कारण सुबह के समय बच्चों को स्कूल भेजना माता-पिता के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया था। Winter Vacation 2025 की घोषणा से छात्रों की मौज तो हुई ही, साथ ही पैरेंट्स और टीचर्स ने भी राहत की सांस ली।
25 दिसंबर (क्रिसमस) से लेकर 31 दिसंबर (नए साल की पूर्व संध्या) के बीच लगभग पूरे देश में शैक्षणिक गतिविधियां थमी रहेंगी।
स्थानीय मौसम के अनुसार छुट्टियों में बदलाव संभव
कुछ राज्यों में स्थानीय मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) अपने स्तर पर छुट्टियों को आगे बढ़ाने या बदलने का निर्णय ले सकते हैं। ऐसे में छात्र और अभिभावक अपने स्कूल या स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहना सुनिश्चित करें।
इससे पहले भी देश के कुछ हिस्सों में Cold Wave और Dense Fog के कारण स्कूल बंद रह चुके हैं, और इस बार भी मौसम की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षित निर्णय लिया गया है।
















